1938 में ज़ेबू बैलों से खेत जोतता पंजाबी किसान
विश्व युद्ध — 1914 — 1945

1938 में ज़ेबू बैलों से खेत जोतता पंजाबी किसान

1938 के ब्रिटिश राज के दौरान, पंजाब का एक किसान अपने कूबड़ वाले ज़ेबू बैलों के साथ धूल भरी गेरुआ भूमि पर पारंपरिक लकड़ी के हल से जुताई कर रहा है। मानसून से पहले की भीषण गर्मी में किया गया यह कठिन परिश्रम उस समय की ग्रामीण भारतीय अर्थव्यवस्था और कृषि पर पूर्ण निर्भरता को दर्शाता है। हाथ से बुने खादी के वस्त्र और प्राचीन कृषि उपकरण मशीनीकरण से पहले के उस युग की एक जीवंत झलक पेश करते हैं जहाँ जीवन पूरी तरह से प्रकृति और पशु शक्ति पर टिका था।

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