लाल सागर में सीपियाँ इकट्ठा करते अब्बासी मोती गोताखोर
प्रारंभिक मध्य युग — 500 — 1000

लाल सागर में सीपियाँ इकट्ठा करते अब्बासी मोती गोताखोर

नौवीं शताब्दी के लाल सागर के इस दृश्य में, कुशल गोताखोर केवल पारंपरिक लिनन के लंगोट और कछुए की खाल के नाक-क्लिप पहनकर जीवंत मूंगा चट्टानों से बहुमूल्य 'पिंकटाडा रेडिएटा' सीप इकट्ठा कर रहे हैं। पृष्ठभूमि में मैंग्रोव तट के पास तैरता एक डगोंग और पानी के नीचे छनकर आती सूरज की किरणें इस प्राचीन समुद्री पर्यावरण की शुद्धता और सुंदरता को जीवंत करती हैं। यह चित्रण मध्यकालीन इस्लामी दुनिया के उस कठिन लेकिन समृद्ध मोती व्यापार को उजागर करता है, जिसने अरब प्रायद्वीप की अर्थव्यवस्था और वैश्विक समुद्री वाणिज्य को सदियों तक महत्वपूर्ण दिशा दी।

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