बैलगाड़ी पर चीतों के साथ शिकार करते मुगल रईस
पुनर्जागरण — 1500 — 1650

बैलगाड़ी पर चीतों के साथ शिकार करते मुगल रईस

दक्षिण एशिया
यह दृश्य 1600 ईस्वी के आसपास उत्तरी भारत के अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में एक मुगल शाही शिकार का चित्रण करता है, जहाँ एक कुलीन व्यक्ति ज़ेबू बैलों द्वारा खींची गई लकड़ी की गाड़ी पर दो आंखों पर पट्टी बंधे एशियाई चीतों के साथ खड़ा है। यह चित्रण मुगलों की 'चीता-शिकार' की अनूठी परंपरा को दर्शाता है, जिसमें इन प्रशिक्षित जानवरों का उपयोग सावधानी से चर रहे काले हिरणों के झुंड को पकड़ने के लिए किया जाता था। रेशमी 'जामा' और सुनहरे 'पटका' से सुसज्जित यह दृश्य उस काल की असाधारण विलासिता, वस्त्र शिल्प और शिकार की परिष्कृत संस्कृति को जीवंत करता है।

Other languages