ट्रायासिक पैन्थालासा के मुहाने पर घात लगाए बैठा मेटोपोसॉरस
ट्राइऐसिक — 252 — 201 Ma

ट्रायासिक पैन्थालासा के मुहाने पर घात लगाए बैठा मेटोपोसॉरस

पैंथालासा महासागर
देर ट्राइसिक काल, लगभग 23–20 करोड़ वर्ष पहले, पैंथालासा महासागर के तट पर बने कीचड़भरे मुहाने में एक विशाल टेम्नोस्पॉन्डिल उभयचर मेटोपोसॉरस घात लगाकर आधा पानी में डूबा पड़ा है। इसकी चपटी, बेहद चौड़ी खोपड़ी, सिर के ऊपर स्थित आँखें और सरकंडेनुमा इक्विसेटाइट्स के बीच छिपा शरीर दिखाते हैं कि यह उथले, गंदले जल का दबे-पाँव शिकारी था। पीछे पैंजिया के सक्रिय तटीय मैदानों से आया गाद-भरा नदीजल हरे समुद्री उथले पानी में मिलता है, जबकि दूर बेसाल्टी तट और तूफ़ानी बादल उस प्राचीन, ज्वालामुखीय किनारे की याद दिलाते हैं जहाँ न तो घास थी, न फूलदार पौधे—सिर्फ़ हॉर्सटेल, फ़र्न, साइकैड और शंकुधारी वनस्पतियाँ।

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