1938 दक्षिण अफ्रीका में प्रागैतिहासिक कोइलाकैंथ की खोज
विश्व युद्ध — 1914 — 1945

1938 दक्षिण अफ्रीका में प्रागैतिहासिक कोइलाकैंथ की खोज

दिसंबर 1938 में दक्षिण अफ्रीका के ईस्ट लंदन बंदरगाह पर एक दुर्लभ दृश्य उभरा, जहाँ एक लकड़ी की ट्रॉली पर पाँच फीट लंबी और नीले रंग के चमकदार शल्कों वाली सीलाकैंथ (Coelacanth) मछली रखी गई है। इस "जीवित जीवाश्म" की खोज ने वैज्ञानिकों को चकित कर दिया था, क्योंकि इसे करोड़ों वर्षों पहले ही विलुप्त मान लिया गया था। धूप से सराबोर इस गोदी पर स्थानीय झोसा (Xhosa) मज़दूर और 1930 के दशक के पहनावे में सजे यूरोपीय लोग इस आदिम जीव को देखने के लिए उत्सुकता से एकत्र हुए हैं। यह दृश्य समुद्री जीव विज्ञान की एक महानतम उपलब्धि और उस युग के सामाजिक ताने-बाने के अनूठे संगम को जीवंत करता है।

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